IIMC के इतिहास में नया अध्याय : 'पीएचडी प्रोग्राम' का शुभारंभ

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नई दिल्ली। भारतीय जनसंचार संस्थान (IIMC), जो देश में पत्रकारिता और जनसंचार के क्षेत्र में प्रशिक्षण का शीर्ष केंद्र माना जाता है, ने आज एक नया मील का पत्थर स्थापित किया है। संस्थान में बहुप्रतीक्षित पीएचडी (Ph.D.) प्रोग्राम का औपचारिक शुभारंभ आज नई दिल्ली स्थित मुख्यालय में किया गया।
इस ऐतिहासिक कार्यक्रम का उद्घाटन आईआईएमसी की कुलपति प्रो. (डॉ.) प्रज्ञा पालीवाल गौड़ द्वारा किया गया। इस अवसर पर कुलपति ने शोध और अनुसंधान के महत्व पर जोर देते हुए कहा कि यह कार्यक्रम न केवल संस्थान की शैक्षणिक गरिमा को बढ़ाएगा, बल्कि संचार और मीडिया के क्षेत्र में मौलिक अनुसंधान (Original Research) को नई ऊंचाइयों पर ले जाएगा।
कार्यक्रम के दौरान संस्थान के कुलसचिव (Registrar) एल. मधु नाग भी विशेष रूप से उपस्थित रहे। उद्घाटन समारोह में दिल्ली कैंपस के संकाय सदस्यों और कर्मचारियों के साथ-साथ देश के विभिन्न हिस्सों में स्थित आईआईएमसी के सभी क्षेत्रीय परिसरों (Regional Campuses) के संकाय सदस्य और कर्मचारी भी वर्चुअल माध्यम से जुड़े।
विदित हो कि आईआईएमसी को हाल ही में 'डीम्ड यूनिवर्सिटी' का दर्जा मिलने के बाद से ही इस शोध कार्यक्रम की प्रतीक्षा की जा रही थी। अब पीएचडी प्रोग्राम शुरू होने से मीडिया शिक्षा के क्षेत्र में उच्च स्तरीय अनुसंधान को बढ़ावा मिलेगा। संस्थान के विशेषज्ञों का मानना है कि यह पहल भारतीय मीडिया परिदृश्य और जनसंचार की चुनौतियों को समझने के लिए नए अकादमिक रास्ते खोलेगी।
समारोह के अंत में सभी क्षेत्रीय केंद्रों के प्रतिनिधियों ने इस नई शुरुआत पर हर्ष व्यक्त किया और इसे भारतीय संचार शिक्षा के क्षेत्र में एक 'क्रांतिकारी कदम' बताया।