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न्यूज डेस्क | समस्तीपुर
जिले के सूरतपुर घाट पर बूढ़ी गंडक नदी पर वर्षों से लंबित पुल निर्माण की मांग को लेकर 'पुल निर्माण संघर्ष मोर्चा' ने एक बार फिर मोर्चा खोल दिया है। गुरुवार को सूरतपुर घाट पर ग्रामीणों और मोर्चा के सदस्यों की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई, जिसमें जनप्रतिनिधियों की उदासीनता पर गहरा आक्रोश व्यक्त किया गया।बैठक में ग्रामीणों ने कहा कि सूरतपुर घाट पर पुल बनने से समस्तीपुर और वारिसनगर विधानसभा क्षेत्र सीधे जुड़ जाएंगे। वर्तमान में समस्तीपुर और अंगार घाट पुल के बीच की दूरी लगभग 20 किलोमीटर है, जिसके मध्य में सूरतपुर घाट पड़ता है। पुल न होने के कारण 20 से 30 पंचायतों की विशाल आबादी को जान जोखिम में डालकर नाव से आवाजाही करनी पड़ती है। विशेषकर छतौना और सोभन जैसी घनी आबादी वाली पंचायतों के लिए यह पुल जीवन रेखा साबित होगा।
सालों से सिर्फ मिल रहे आश्वासन
ग्रामीणों ने नाराजगी जताते हुए कहा कि इस मांग को लेकर मुख्यमंत्री की 'प्रगति यात्रा' के दौरान उन्हें ज्ञापन सौंपा गया था। इसके अलावा वर्तमान सांसद शांभवी चौधरी, विधायक अश्वमेध देवी, पूर्व विधायक रामनाथ ठाकुर और पूर्व सांसदों (रामचंद्र पासवान एवं प्रिंस पासवान) को भी बार-बार अवगत कराया गया, लेकिन धरातल पर अब तक कोई काम शुरू नहीं हो सका है। संघर्ष मोर्चा ने स्पष्ट किया कि यदि सरकार जल्द ही इस दिशा में ठोस कदम नहीं उठाती है, तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।
बैठक में मायाशंकर प्रसाद कुशवाहा, परमानंद सिंह, राजाराम महतो, राजकुमार सिंह, रामनन्द सिंह, पुनीत ठाकुर, पूर्व मुखिया अर्जुन चौधरी, किशनदेव गिरी, विजय प्रसाद, चन्दन कुमार सिंह, संजीत कुमार, संजय प्रसाद और छतौना पंचायत के सैकड़ों ग्रामीण उपस्थित थे।
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