जिलाधिकारी सुब्रत कुमार सेन की विशेष पहल पर मुजफ्फरपुर के बेला औद्योगिक क्षेत्र को अब एक नई पहचान मिलने जा रही है। गुरुवार को बेला स्थित बृहद जलाशय का स्थलीय निरीक्षण करने पहुंचे जिलाधिकारी ने औद्योगिक विकास के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण और जनसुविधाओं पर विशेष जोर देते हुए जलाशय के व्यापक कायाकल्प का खाका तैयार किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने संबंधित अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिया कि इस जल निकाय को पर्यावरणीय और सौंदर्यात्मक दृष्टिकोण से इस तरह विकसित किया जाए कि यह क्षेत्र केवल औद्योगिक गतिविधियों तक सीमित न रहकर स्थानीय नागरिकों, श्रमिकों और उद्यमियों के लिए एक बेहतर सार्वजनिक स्थल बन सके। जलाशय के निरीक्षण के पश्चात जिलाधिकारी ने बियाडा सभागार में आयोजित 'उद्यमी संवाद' कार्यक्रम में शिरकत की। यहाँ बियाडा के डीजीएम ने अवगत कराया कि औद्योगिक क्षेत्र में बुनियादी सुविधाओं के विकास का कार्य 12 फरवरी से ही प्रारंभ हो चुका है, जिसके तहत फिलहाल भूमि समतलीकरण का कार्य किया जा रहा है। आने वाले समय में यहाँ सड़कों का सुदृढ़ीकरण, जल निकासी की बेहतर व्यवस्था और निर्बाध विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए तेजी से कार्य होगा। जिलाधिकारी ने उद्यमियों को आश्वस्त किया कि प्रशासन उनके हितों की रक्षा और समस्याओं के त्वरित समाधान के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। संवाद के दौरान जिलाधिकारी ने पारदर्शिता और जवाबदेही को प्राथमिकता देते हुए कहा कि प्रत्येक उद्यमी के आवेदन पर समयबद्ध तरीके से कार्रवाई की जाएगी और उन्हें उसकी प्रगति की जानकारी दी जाएगी। उन्होंने उद्यमियों की सुविधा के लिए यह भी स्पष्ट किया कि वे किसी भी सोमवार या शुक्रवार को कार्यालय अवधि के दौरान सीधे उनसे मिलकर अपनी समस्याओं को साझा कर सकते हैं। जिलाधिकारी की इस सक्रियता और जलाशय के सौंदर्यीकरण की इस अनूठी पहल की उद्यमियों ने व्यापक सराहना की है। उनका मानना है कि इन प्रयासों से न केवल बेला की छवि बदलेगी, बल्कि मुजफ्फरपुर में निवेश का एक सकारात्मक और बेहतर माहौल भी तैयार होगा।
पार्क को किया जाएगा विकसित :
जिलाधिकारी ने निर्देश दिया कि जलाशय के चारों ओर एक व्यवस्थित जॉगिंग ट्रैक का निर्माण कराया जाए, ताकि सुबह-शाम लोग यहाँ टहलने और व्यायाम करने आ सकें। इसके साथ ही पूरे परिसर में आकर्षक फव्वारे, पर्याप्त लाइटिंग और बैठने के लिए बेंच लगाने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि जलाशय के सामने खाली पड़ी भूमि पर एक हरा-भरा पार्क विकसित किया जाएगा, जिससे पूरा वातावरण पर्यावरण के अनुकूल और आकर्षक नजर आए। डीएम ने इस बात पर विशेष बल दिया कि कार्यस्थल के निकट स्वच्छ और स्वास्थ्यवर्धक वातावरण मिलने से वहाँ कार्यरत लोगों की मानसिक सेहत और कार्यक्षमता पर सकारात्मक प्रभाव पड़ता है।
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