अंग्रेजों से 'लगान' वसूल: संजू सैमसन के तूफान में उड़े अंग्रेज, सांसे रोक देने वाले सेमीफाइनल में भारत 7 रनों से जीता


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नेशनल स्पोर्ट्स डेस्क
क्रिकेट के मैदान पर एक बार फिर इतिहास दोहराया गया है। हाई-वोल्टेज सेमीफाइनल मुकाबले में भारत ने इंग्लैंड को 7 रनों से मात देकर फाइनल का टिकट पक्का कर लिया है। 254 रनों के विशाल लक्ष्य का पीछा करने उतरी इंग्लैंड की टीम को आखिरी गेंद तक छकाने के बाद टीम इंडिया ने जीत का परचम लहराया। मैच के असली हीरो रहे संजू सैमसन ने अंग्रेजों के पसीने छुड़ा दिए। संजू ने महज 42 गेंदों में 89 रनों की आतिशी पारी खेली, जिसमें 7 छक्के और 8 चौके शामिल थे। उनकी इस पारी ने भारत को 253 के स्कोर तक पहुंचाया। संजू को उनकी इस मैच जिताऊ पारी के लिए 'मैन ऑफ द मैच' चुना गया। इस जीत के साथ ही भारत अब 'हिस्ट्री रिपीट' करने के बेहद करीब है। अंग्रेजों से पुराना हिसाब चुकता कर अब टीम इंडिया की नजरें विश्व कप की ट्रॉफी पर टिकी हैं।

जैकब बैथल ने बढ़ाई धड़कनें:
लक्ष्य का पीछा करने उतरी इंग्लैंड की शुरुआत खराब रही, लेकिन जैकब बैथल ने अकेले दम पर मैच का पासा पलट दिया। बैथल ने 48 गेंदों में 105 रनों की तूफानी शतकीय पारी खेलकर भारतीय खेमे में खलबली मचा दी थी। वे जब तक क्रीज पर थे, जीत इंग्लैंड की मुट्ठी में लग रही थी, लेकिन उनका रन आउट होना भारत के लिए संजीवनी साबित हुआ।


एक मुकाबले में रिकार्ड 499 रन बने, आखिरी ओवर तक गया मैच : 

भारत और इंग्लैंड के बीच खेले गए इस रोमांचक सेमीफाइनल मुकाबले में दोनों टीमों ने मिलकर 40 ओवरों में कुल 499 रन बनाए, जो टी-20 प्रारूप में बल्लेबाजों के जबरदस्त दबदबे को दर्शाता है। भारतीय टीम ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 12.65 की रन-रेट से 253 रनों का विशाल स्कोर खड़ा किया, जिसमें मैन ऑफ द मैच संजू सैमसन की 42 गेंदों में 89 रनों की पारी सबसे आधारभूत रही। सैमसन ने 211.90 की स्ट्राइक रेट से बल्लेबाजी करते हुए 7 छक्के जड़े, वहीं मध्यक्रम में शिवम दुबे के 43 रन और तिलक वर्मा की 300 की स्ट्राइक रेट वाली पारी ने स्कोर को मजबूती दी। लक्ष्य का पीछा करने उतरी इंग्लैंड की टीम के लिए जैकब बैथल ने अविश्वसनीय संघर्ष किया और मात्र 48 गेंदों में 8 चौकों व 7 छक्कों की मदद से 105 रनों की शतकीय पारी खेलकर मैच को आखिरी ओवर तक जीवित रखा। मैच का सबसे बड़ा टर्निंग पॉइंट बैथल का रन आउट होना रहा, जिसने मैच का रुख भारत की ओर मोड़ दिया। भारतीय गेंदबाजों में हार्दिक पांड्या ने महत्वपूर्ण 2 विकेट चटकाए, जबकि इंग्लैंड की ओर से आदिल राशिद और विल जैक्स ने भी 2-2 सफलताएं हासिल कीं। आंकड़ों के लिहाज से देखें तो भारत के शीर्ष 7 में से 5 बल्लेबाजों ने 170 से अधिक की स्ट्राइक रेट से रन बनाए, जो उनकी आक्रामक रणनीति को साबित करता है। अनुशासन के मामले में दोनों टीमें लगभग बराबर रहीं जहाँ भारत ने 12 और इंग्लैंड ने 13 अतिरिक्त रन दिए। अंततः 7 रनों की यह बेहद करीबी जीत भारत के संयम को दर्शाती है जिसने उन्हें अब इतिहास दोहराने की दहलीज पर खड़ा कर दिया है। जैकब बैथल की शतकीय पारी के बावजूद भारतीय टीम का सामूहिक बल्लेबाजी प्रदर्शन और दबाव में सटीक गेंदबाजी इस ऐतिहासिक जीत की मुख्य वजह बनी।