मां की ममता के आगे फेल है हर तकनीक : मदर टेरेसा विद्यापीठ में 'मातृ शक्ति' का भव्य अभिनंदन

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न्यूज डेस्क। मुजफ्फरपुर


एक मां जिस कुशलता से परिवार और बच्चों का संतुलन बनाती है, वह दुनिया की किसी भी जटिल तकनीक या एल्गोरिदम से कहीं अधिक प्रभावशाली है। इसी अद्भुत सामंजस्य को सलाम करते हुए मुजफ्फरपुर के मदर टेरेसा विद्यापीठ की मणिका और मिठनपुरा दोनों शाखाओं में 'मातृ दिवस' और 'नेशनल टेक्नोलॉजी डे' का एक अनोखा मेल देखने को मिला। विद्यालय ने इस आयोजन के जरिए समाज को यह संदेश दिया कि माँ से बड़ी तकनीकी और प्रबंधन क्षमता किसी और के पास नहीं हो सकती।



मदर टेरेसा मातृ शक्ति सम्मान से नवाजी गईं सुनीता पूर्बे


कार्यक्रम का विधिवत शुभारंभ मुख्य अतिथियों एवं माताओं द्वारा दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुआ। इस दौरान देश के गौरव डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम और पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी जी को माल्यार्पण कर नमन किया गया। समारोह के मुख्य आकर्षण के रूप में सुनीता पूर्बे को उनके प्रेरणादायी व्यक्तित्व के लिए 'मदर टेरेसा मातृ शक्ति सम्मान' से सम्मानित किया गया।


मां का मैनेजमेंट सबसे उच्च तकनीक: प्राचार्य


विद्यालय की प्राचार्य विनीता कुमारी ने स्वागत भाषण में कहा कि मां द्वारा परिवार का प्रबंधन किसी भी उच्च तकनीक से कम नहीं है। वहीं, प्रबंधक सतीश कुमार झा ने माताओं को बच्चों के भविष्य के प्रति सजग रहने के लिए प्रेरित किया। कार्यक्रम में केंद्रीय विद्यालय पठानकोट की शिक्षिका डॉ. कविता और अनंता ने भी माँ के अस्तित्व की महत्ता पर प्रकाश डाला।


भावुक कर देने वाला पल: बच्चों के हाथों मिला सम्मान 


समारोह के अध्यक्ष डॉ. फुलगेन पूर्बे ने विद्यालय की इस सोच की सराहना की, जहां गुमनाम लेकिन सफल माताओं को मंच दिया जा रहा है। कार्यक्रम में माताओं के लिए 'बंद आँखों से बच्चों की पहचान', आर्ट एंड क्राफ्ट और बैलून एंड कप जैसी प्रतियोगिताएं आयोजित की गईं। सबसे भावुक क्षण तब आया जब विजयी माताओं को उनके अपने बच्चों के नन्हे हाथों से पुरस्कार मिला, जिससे पूरा परिसर तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा। मंच का संचालन टीजीटी मनीषा कर्ण, पीआरटी साक्षी सिंह और छात्रा कृतिका एवं आकांक्षा ने किया। अंत में शिक्षिका विभा कुमारी द्वारा धन्यवाद ज्ञापन किया गया।