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न्यूज डेस्क। मुजफ्फरपुर
जिले के पानापुर करियात थाना क्षेत्र के रोशनपुर गांव में मानवता को शर्मसार करने वाली घटना सामने आई है। यहां एक नवविवाहिता बबली कुमारी की गला दबाकर बेरहमी से हत्या कर दी गई। इस मामले में ससुर आलोक कुमार और सास भारती देवी की भूमिका ने पूरे इलाके को स्तब्ध कर दिया है। घटना शनिवार की है। हत्या के बाद रविवार को एसकेएमसीएच में बबली के शव का पोस्टमार्टम किया गया। वहीं बबली के पिता नंनलाल पांडेय के बयान पर छह लोगों के खिलाफ नामजद प्राथमिकी दर्ज करायी गयी है। उन्होंने दहेज के लिए पुत्री की गला दबाकर हत्या का आरोप लगाया है। साथ ही दोषियों को फांसी की सजा देने की मांग प्रशासन से की है।
ग्रामीणों ने कहा आपराधिक प्रवृति का है ससुर :
रोशनपुर के कई ग्रामीणों और पड़ोसियों ने बताया कि आरोपी ससुर आलोक कुमार आपराधिक छवि का व्यक्ति है। पूर्व में जब आलोक को अपनी सगी बेटी के प्रेम-प्रसंग की भनक लगी थी, तो उसने उसे भी जान से मारने की पूरी साजिश रच ली थी। वह लड़की किसी तरह भागकर अपनी जान बचाने में सफल रही थी। ग्रामीणों का कहना है कि जो अपनी सगी बेटी का काल बनने चला था, उसने आज महज पैसों के लिए बहू की जान ले ली।
पोस्टमार्टम से खुलेगा राज, पति पुलिस की गिरफ्त में :
बबली के पिता नन्दलाल पाण्डेय द्वारा दर्ज कराई गई प्राथमिकी के बाद पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए पति आकाश कुमार उर्फ रानू को गिरफ्तार कर लिया है। हालांकि, मुख्य साजिशकर्ता ससुर आलोक कुमार, सास भारती देवी, ननद साक्षी, जेठ प्रकाश और जेठानी रूपाली फिलहाल फरार हैं। पुलिस ने बबली के शव का पोस्टमार्टम कराया है, जिसकी रिपोर्ट आने के बाद मौत के सही कारणों और गला दबाए जाने की आधिकारिक पुष्टि हो जाएगी।
इन्हें बनाया गया है आरोपित :
मृतक बबली के पिता नंनदाल पांडेय ने प्राथमिकी के लिए दिये गये आवेदन में ननद साक्षी समेत 6 लोगों नामजद किया है। उन्होंने बबली के ससुर आलोक कुमार, सास भारती देवी, पति आकाश कुमार उर्फ रानू, ननद साक्षी देवी, जेठ प्रकाश कुमार और जेठानी रूपाली देवी पर दहेज के लिए प्रताड़ित करने और गला दबाकर हत्या कर देने का आरोप लगाया है। नंदलाल पांडेय ने पुलिस को बताया है कि उनके दामाद ने फोन कर बताया कि बबली की बबली बेहोश हो गयी है। 7 मार्च 2026 को जब वे अपनी पुत्री के ससुराल रोशनपुर पहुँचे, तो वहां एंबुलेंस में उसका शव पड़ा मिला। बबली की गर्दन पर काले और गहरे निशान साफ दिख रहे थे, जो इस बात का सबूत थे कि उसे तड़पा-तड़पा कर गला दबाकर मारा गया है।
मां को ढूंढ रही हैं 11 माह के मासूम की आंखें :
इस पूरे घटनाक्रम के बीच सबसे हृदयविदारक दृश्य बबली के 11 माह के मासूम बेटे का है। शनिवार की शाम से वह अपने ननिहाल (मैसाहां) में है। वह न तो बोल सकता है और न ही अपनी पीड़ा व्यक्त कर सकता है, लेकिन उसकी मासूम आंखें हर चेहरे में अपनी मां को तलाश रही हैं। वह ननिहाल आने वाले हर व्यक्ति के चेहरे को गौर से देखता है, शायद इस उम्मीद में कि जिसे उसने अपने हृदय के सबसे करीब पाया था, वह मां उसे दोबारा सीने से लगा लेगी। मासूम की यह मूक वेदना देख वहां मौजूद हर शख्स की आंखें नम हैं।
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