एलएस कॉलेज में 'सद्बुद्धि यज्ञ' से हुंकार: आंदोलन के छठे दिन छात्रों ने दी बड़ी चेतावनी, कहा- प्रशासन की नींद हराम कर देंगे

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न्यूज डेस्क। मुजफ्फरपुर
लंगट सिंह (एलएस) महाविद्यालय में मूलभूत सुविधाओं की बहाली को लेकर चल रहा छात्र आंदोलन रविवार को छठे दिन भी बदस्तूर जारी रहा। छात्रावास, पुस्तकालय और प्रयोगशाला जैसी अनिवार्य सुविधाओं की मांग को लेकर छात्र कॉलेज और विश्वविद्यालय प्रशासन के खिलाफ आर-पार की लड़ाई के मूड में नजर आ रहे हैं। प्रशासन की लगातार जारी उदासीनता से आक्रोशित छात्रों ने आज एक अनोखा विरोध प्रदर्शन किया।

नवरात्रि के पहले दिन 'सद्बुद्धि यज्ञ' का आयोजन
हिंदू नव वर्ष और चैत्र नवरात्रि के पावन अवसर पर आंदोलनकारी छात्रों ने मां शैलपुत्री की आराधना के साथ 'सद्बुद्धि यज्ञ' का आयोजन किया। छात्रों ने यज्ञ की आहुतियों के माध्यम से ईश्वर से प्रार्थना की कि कॉलेज और विश्वविद्यालय प्रशासन को सद्बुद्धि प्राप्त हो, ताकि वे छात्रों के भविष्य के साथ हो रहे खिलवाड़ को बंद कर उनकी न्यायोचित मांगों पर सकारात्मक निर्णय ले सकें।

वादाखिलाफी से बढ़ा छात्रों का असंतोष
आंदोलन का नेतृत्व कर रहे छात्रों का कहना है कि पूर्व में हुई भूख हड़ताल के दौरान प्रशासन ने लिखित रूप से उनकी मांगों को स्वीकार किया था, लेकिन महीनों बीत जाने के बाद भी न तो छात्रावास के ताले खुले हैं और न ही पुस्तकालय एवं प्रयोगशाला की स्थिति में सुधार हुआ है। अभाविप कार्यकर्ता अनमोल ने इस यज्ञ को संघर्ष का प्रतीक बताते हुए कहा कि यह छात्रों के भविष्य के साथ हो रहे अन्याय के खिलाफ एक मौन लेकिन सशक्त आवाज है।

व्यापक और उग्र आंदोलन की चेतावनी
वहीं, अभाविप कार्यकर्ता सुशांत सिंह ने प्रशासन को सीधी चेतावनी देते हुए कहा कि यह यज्ञ एक बड़े छात्र आंदोलन का शंखनाद है। यदि शीघ्र ही मांगों को पूरा नहीं किया गया, तो आने वाले दिनों में यह आंदोलन और अधिक व्यापक एवं उग्र रूप धारण करेगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी कॉलेज और विश्वविद्यालय प्रशासन की होगी। छात्रों ने साफ कर दिया है कि यह संघर्ष केवल उनके लिए नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के शैक्षणिक अधिकारों की रक्षा के लिए है। आज के प्रदर्शन के दौरान आशुतोष, अमन, अनोलम चंद्र, अनमोल ठाकुर, राहुल, रौशन, नितिन और प्रिंस के साथ दर्जनों छात्र एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहे। छात्रों के अडिग रुख को देखते हुए परिसर में तनावपूर्ण शांति बनी हुई है।