भागलपुर में 30 हजार करोड़ का मेगा पावर प्रोजेक्ट : बिहार के औद्योगिक विकास की नई उड़ान

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न्यूज डेस्क। भागलपुर
बिहार के ऊर्जा और औद्योगिक क्षेत्र में एक ऐतिहासिक बदलाव की शुरुआत हो चुकी है। अडानी समूह के अध्यक्ष गौतम अडानी ने रविवार को भागलपुर जिले के पीरपैंती में निर्माणाधीन 2400 मेगावाट के 'अल्ट्रा सुपर क्रिटिकल थर्मल पावर प्लांट' स्थल का दौरा किया। हेलीकॉप्टर से सीधे परियोजना परिसर में उतरे गौतम अडानी ने न सिर्फ चल रहे निर्माण कार्यों का जायजा लिया, बल्कि परिसर में पौधारोपण कर इस महात्वाकांक्षी प्रोजेक्ट की प्रतीकात्मक शुरुआत भी की।

प्रोजेक्ट का पूरा विवरण (Key Highlights):

परियोजना की क्षमता: 2400 मेगावाट (800 मेगावाट की 3 अलग-अलग इकाइयां)।
कुल निवेश: लगभग 30,000 करोड़ रुपये (करीब 3 अरब डॉलर)।
तकनीक: यह प्लांट 'अल्ट्रा सुपर क्रिटिकल' तकनीक पर आधारित है, जो बिजली उत्पादन में उच्च दक्षता (High Efficiency) और कम कार्बन उत्सर्जन सुनिश्चित करती है।


भूमि और स्थान:
ह प्रोजेक्ट पीरपैंती प्रखंड के सिरमतपुर और आसपास के गांवों की लगभग 479 हेक्टेयर जमीन पर स्थापित किया जा रहा है।

लॉजिस्टिक सुगमता :
इस जगह की भौगोलिक स्थिति बेहद शानदार है। इसके उत्तर में गंगा नदी, दक्षिण में नेशनल हाईवे और पास में पीरपैंती रेलवे स्टेशन है, जिससे संसाधनों के परिवहन में भारी सुविधा होगी।
रोजगार और बिहार के लिए इसके मायने: यह प्रोजेक्ट बिहार के लिए सिर्फ एक पावर प्लांट नहीं, बल्कि बड़े पैमाने पर रोजगार और औद्योगीकरण का एक नया दरवाजा है।

रोजगार के अवसर :
निर्माण कार्य के दौरान इससे लगभग 10,000 से 12,000 लोगों को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार मिलेगा। वहीं, प्लांट के पूरी तरह चालू होने के बाद करीब 3,000 लोगों को स्थायी नौकरी मिलने की उम्मीद है।

ऊर्जा सुरक्षा :
यह बिहार की बढ़ती बिजली की मांग को पूरा करेगा और राज्य को बिजली के मामले में आत्मनिर्भर बनाएगा।

वर्तमान स्थिति :
कंपनी ने इस मेगा प्रोजेक्ट को 5 वर्षों के भीतर पूरा करने का लक्ष्य रखा है। फिलहाल, परियोजना स्थल पर चहारदीवारी (बाउंड्री वॉल) का निर्माण और भूमि समतलीकरण (Land Leveling) का काम काफी तेजी से चल रहा है। गौतम अदाणी का यह दौरा और उनकी व्यक्तिगत समीक्षा, राज्य में औद्योगीकरण और निवेश को लेकर एक बेहद सकारात्मक और मजबूत संदेश दे रही है।