IPL- 2026
नेशनल स्पोर्ट्स डेस्क
वाह! 24 फरवरी 2026 का यह मुकाबला तो बिल्कुल वैसा ही रहा जिसकी उम्मीद एक टी20 वर्ल्ड कप के नॉकआउट जैसे मैच से की जाती है। पल्लेकेले की पिच पर हैरी ब्रूक ने जो 'बवंडर' मचाया, उसने न केवल पाकिस्तान की गेंदों की दिशा बिगाड़ी, बल्कि उनके सेमीफाइनल के सपनों पर भी पानी फेर दिया।
पल्लेकेले की शाम जितनी सुहानी थी, मैच उतना ही खौफनाक। पाकिस्तान ने साहिबजादा फरहान (63) की सूझबूझ भरी पारी के दम पर 164 रनों का एक लड़ने लायक स्कोर खड़ा किया था। लियाम डॉसन की फिरकी ने पाकिस्तान को 180 के पार जाने से रोका, लेकिन असली ड्रामा तो अभी बाकी था।
ब्रूक की 'सेंचुरी' वाली दहाड़ :
इंग्लैंड की शुरुआत किसी डरावने सपने जैसी थी। शाहीन अफरीदी की गेंदें आग उगल रही थीं, लेकिन तभी क्रीज पर आए कप्तान हैरी ब्रूक। जब विकेट गिर रहे थे, तब ब्रूक ने डिफेंस नहीं, 'अटैक' को अपना हथियार बनाया। मात्र 51 गेंदों में 100 रन कूट डाले। यह इंग्लैंड की जीत का आधार बना।
मैच के 3 सबसे बड़े 'टर्निंग पॉइंट्स' :
अफरीदी बनाम ब्रूक (18वां ओवर): यह मैच का सबसे बड़ा 'क्लाइमेक्स' था। शाहीन अफरीदी अपने स्पेल का आखिरी और मैच का निर्णायक ओवर डाल रहे थे। ब्रूक ने लगातार दो गगनचुंबी छक्के जड़कर पाकिस्तान के खेमे में सन्नाटा पसारा और दबाव पूरी तरह हटा दिया।
शाहीन का 'फाइटिंग' स्पेल:
भले ही पाकिस्तान हार गया, लेकिन शाहीन शाह अफरीदी (4/30) ने साबित कर दिया कि उन्हें क्यों दुनिया का सर्वश्रेष्ठ माना जाता है। उन्होंने अंतिम क्षणों तक इंग्लैंड के निचले क्रम को घुटनों पर रखा।
जोफ्रा आर्चर की 'आइस कूल' फिनिश:
जब ब्रूक आउट हुए, तो लगा मैच फंस सकता है, लेकिन जोफ्रा आर्चर ने बल्ले से वही धैर्य दिखाया जो वो अपनी गेंदबाजी से दिखाते हैं। 19.1 ओवर में जीत की मुहर लग गई।
अब आगे क्या?
इंग्लैंड अब सेमीफाइनल में पहुंचने वाली इस वर्ल्ड कप की पहली टीम बन गई है। वहीं पाकिस्तान के लिए अब 'करो या मरो' की स्थिति है—उन्हें न केवल अपने अगले मैच जीतने होंगे, बल्कि अन्य नतीजों पर भी निर्भर रहना होगा।
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