छात्रों का हुनर पहचानेंगे शिक्षक, समस्तीपुर में करियर काउंसलिंग की नई पहल!


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न्यूज डेस्क। समस्तीपुर

शहर के प्रतिष्ठित तिरहुत एकेडमी सभागार में बिहार शिक्षा परियोजना (बीईपी) के तत्वावधान में एक विशेष करियर गाइडेंस प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य नोडल शिक्षकों को प्रशिक्षित करना था ताकि वे भविष्य में छात्रों को सही दिशा दिखाने में सक्षम बन सकें। कार्यक्रम का विधिवत उद्घाटन डीपीओ (एसएसए) जमालुद्दीन ने किया। इस अवसर पर मंगलेश कुमार, राहुल कुमार सहित जिले के दर्जनों नोडल शिक्षक उपस्थित थे, जिन्होंने छात्रहित में इस प्रशिक्षण को अत्यंत लाभकारी बताया।

भविष्य की योजना में मददगार होगा प्रशिक्षण : 

उद्घाटन सत्र को संबोधित करते हुए डीपीओ जमालुद्दीन ने कहा कि हर छात्र का करियर सफर अलग और अनोखा होता है। उन्होंने जोर देकर कहा कि करियर मार्गदर्शन एक ऐसी प्रक्रिया है जो छात्रों को उनकी शैक्षिक और व्यावसायिक पसंद के बारे में समझदारी से निर्णय लेने में सक्षम बनाती है। इसमें छात्रों की रुचि, कौशल और मूल्यों की पहचान करना सबसे महत्वपूर्ण है।

शिक्षक ही हैं असली मार्गदर्शक : 

एपीओ सुजीत कुमार ने कार्यक्रम की उपयोगिता पर प्रकाश डालते हुए कहा कि छात्र का प्रारंभिक शैक्षणिक जीवन शिक्षकों के इर्द-गिर्द ही घूमता है, इसलिए शिक्षक ही उनके पहले करियर मार्गदर्शक होते हैं। वहीं, मास्टर ट्रेनर सुभीत कुमार सिंह ने शिक्षकों की जिम्मेदारी याद दिलाते हुए कहा कि विषय ज्ञान के साथ-साथ छात्रों में नैतिक आदर्श विकसित करना भी शिक्षक का कर्तव्य है।

दबाव के बीच सही निर्णय की चुनौती : 

चर्चा के दौरान अधिवक्ता प्रकाश कुमार ने एक गंभीर पहलू की ओर ध्यान आकर्षित किया। उन्होंने कहा कि आज के दौर में माता-पिता और रिश्तेदारों के दबाव में छात्र अक्सर करियर से जुड़े गलत फैसले ले लेते हैं। ऐसे में शिक्षकों की भूमिका और बढ़ जाती है कि वे जरूरत पड़ने पर छात्रों को प्रोफेशनल करियर काउंसलर के पास भेजें।

सकारात्मक माहौल और मूल्यांकन : 

शिक्षक गौतम बिहारी और एचएम पूजा कुमारी ने सुझाव दिया कि शिक्षकों को छात्रों की खूबियों और कमियों को पहचानकर उनके लिए विशेष योजनाएं बनानी चाहिए। उन्होंने कहा कि रचनात्मक आलोचना और प्रशंसा के बीच संतुलन बनाकर ही छात्रों को उनके लक्ष्य की ओर प्रेरित किया जा सकता है।