राष्ट्रीय विज्ञान दिवस : लंगट सिंह कॉलेज में पोस्टर प्रदर्शनी, स्टूडेंट्स ने दिखाई वैज्ञानिक मेधा

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न्यूज डेस्क। मुजफ्फरपुर
स्थानीय लंगट सिंह कॉलेज में शनिवार को राष्ट्रीय विज्ञान दिवस के अवसर पर भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया गया। आईक्यूएसी (IQAC) और महाविद्यालय के सभी विज्ञान विभागों के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित यह कार्यक्रम कॉलेज के जूलॉजी विभाग में संपन्न हुआ। कार्यक्रम की अध्यक्षता प्राचार्य सह आईक्यूएसी चेयरपर्सन प्रो. कनुप्रिया ने की, जिन्होंने दीप प्रज्वलित कर समारोह का विधिवत उद्घाटन किया।
इस अवसर पर मुख्य रूप से आईक्यूएसी समन्वयक डॉ. वेदप्रकाश दुबे, प्रो. एस.आर. चतुर्वेदी, प्रो. विजय कुमार, डॉ. एस.एच. फैजी, डॉ. पंकज चौरसिया, डॉ. अर्चना ठाकुर, डॉ. पूनम कुमारी, डॉ. सीमा कुमारी, डॉ. निवेदिता, डॉ. दीपक कुमार सहित कई विभागों के प्राध्यापक और भारी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।
 
नवाचार और शोध के लिए प्रेरित हुए युवा, क्विज प्रतियोगिता में आदित्य, दिव्यांशु और अमन ने मारी बाजी : 
कार्यक्रम के दौरान 'महान भारतीय वैज्ञानिक' विषय पर एक भव्य पोस्टर प्रदर्शनी का आयोजन किया गया। इसमें छात्र-छात्राओं ने चार्ट और आकर्षक चित्रों के माध्यम से भारतीय वैज्ञानिकों के जीवन संघर्ष और उनके महान आविष्कारों को बखूबी दर्शाया। प्रदर्शनी के दौरान विद्यार्थियों का उत्साह देखते ही बन रहा था। इसके तुरंत बाद 'भारतीय वैज्ञानिक और उनके योगदान' विषय पर एक ज्ञानवर्धक प्रश्नोत्तरी (क्विज) प्रतियोगिता आयोजित की गई, जिसमें छात्रों ने अपनी तार्किक क्षमता और मेधा का परिचय दिया। प्रतियोगिता के परिणामों में आदित्य बाबू ने प्रथम, दिव्यांशु कुमार ने द्वितीय और अमन गुप्ता ने तृतीय स्थान प्राप्त कर महाविद्यालय का मान बढ़ाया।

केवल किताबी ज्ञान तक सीमित न रहें छात्र, शोध व अनुसंधान में दें योगदान : 
अपने अध्यक्षीय संबोधन में प्राचार्य प्रो. कनुप्रिया ने कहा कि ऐसे आयोजनों का मुख्य उद्देश्य छात्रों के भीतर वैज्ञानिक दृष्टिकोण (Scientific Temper) विकसित करना है। उन्होंने महान भौतिकशास्त्री और नोबेल विजेता सर सी.वी. रमन के 'रमन प्रभाव' और उनके ऐतिहासिक योगदान को याद करते हुए युवाओं से आह्वान किया कि वे केवल किताबी ज्ञान तक सीमित न रहें, बल्कि शोध और नवाचार के क्षेत्र में आगे बढ़कर देश के विकास में अपना योगदान दें। उपस्थित वक्ताओं ने भी विज्ञान के महत्व पर प्रकाश डालते हुए छात्रों को भविष्य के चुनौतियों के लिए तैयार रहने के लिए प्रेरित किया।