बिहार शिक्षक बहाली TRE-4.O : STET रिजल्ट को हाई कोर्ट में चुनौती, क्या फंस जाएगा TRE 4.0 का पेंच?
न्यूज डेस्क। पटना
बिहार शिक्षक भर्ती (BPSC TRE) और STET के परिणामों को लेकर पटना हाई कोर्ट में चल रही कानूनी कार्यवाही ने राज्य के लाखों अभ्यर्थियों की चिंता बढ़ा दी है। ताजा घटनाक्रम के अनुसार, शिक्षक पात्रता परीक्षा (STET) के परिणामों में विसंगतियों का आरोप लगाते हुए इसे उच्च न्यायालय में चुनौती दी गई है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि इस मामले में कोर्ट का कोई बड़ा हस्तक्षेप होता है, तो आगामी TRE 4.0 की बहाली प्रक्रिया प्रभावित हो सकती है।
सप्लीमेंट्री रिजल्ट से लेकर डोमिसाइल नीति तक: कानूनी पेच में फंसी बहाली
शिक्षक बहाली से जुड़े विवादों को लेकर कोर्ट में कई याचिकाएं लंबित हैं, जिनका सीधा असर भविष्य की परीक्षाओं पर पड़ सकता है।
STET रिजल्ट पर विवाद :
याचिकाकर्ताओं ने STET के परिणामों में गंभीर त्रुटियों का दावा किया है। अभ्यर्थियों की मांग है कि बोर्ड इन त्रुटियों को सुधार कर फिर से संशोधित परिणाम जारी करे। इस कानूनी विवाद के कारण आगामी भर्ती के लिए योग्य उम्मीदवारों की सूची तैयार करने में देरी हो सकती है।
पूरक परिणाम (Supplementary Result) :
पूर्व में BPSC TRE-1 के खाली पदों पर पूरक परिणाम जारी करने की चर्चा तेज थी, लेकिन कोर्ट ने हालिया सुनवाई में स्पष्ट कर दिया है कि पूरक परिणाम जारी करना पूरी तरह से आयोग का 'विवेकाधीन अधिकार' है। अभ्यर्थी इसे अपने कानूनी अधिकार के रूप में दावा नहीं कर सकते।
TRE 4.0 पर संकट:
वर्तमान परीक्षा कैलेंडर के अनुसार, TRE 4.0 की परीक्षा सितंबर 2026 में प्रस्तावित है। हालांकि, कोर्ट में चल रहे इन मामलों और विसंगतियों के कारण अधिसूचना जारी होने में देरी की संभावना जताई जा रही है।
डोमिसाइल नीति:
बिहार के मूल निवासियों के लिए 'डोमिसाइल' लागू करने की मांग पर भी कोर्ट में बहस जारी है। इस मामले में अगली महत्वपूर्ण सुनवाई 10 मार्च 2026 को होनी है, जिस पर सबकी निगाहें टिकी हैं।
याचिकाकर्ताओं ने STET के परिणामों में गंभीर त्रुटियों का दावा किया है। अभ्यर्थियों की मांग है कि बोर्ड इन त्रुटियों को सुधार कर फिर से संशोधित परिणाम जारी करे। इस कानूनी विवाद के कारण आगामी भर्ती के लिए योग्य उम्मीदवारों की सूची तैयार करने में देरी हो सकती है।
वर्तमान परीक्षा कैलेंडर के अनुसार, TRE 4.0 की परीक्षा सितंबर 2026 में प्रस्तावित है। हालांकि, कोर्ट में चल रहे इन मामलों और विसंगतियों के कारण अधिसूचना जारी होने में देरी की संभावना जताई जा रही है।
बिहार के मूल निवासियों के लिए 'डोमिसाइल' लागू करने की मांग पर भी कोर्ट में बहस जारी है। इस मामले में अगली महत्वपूर्ण सुनवाई 10 मार्च 2026 को होनी है, जिस पर सबकी निगाहें टिकी हैं।







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