ऐतिहासिक जीत: जम्मू-कश्मीर ने पहली बार जीता रणजी ट्रॉफी का खिताब, 67 साल का सूखा खत्म

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नेशनल स्पोर्टस डेस्क
जम्मू-कश्मीर (J&K) क्रिकेट टीम ने 28 फरवरी, 2026 को भारतीय घरेलू क्रिकेट के इतिहास में स्वर्णिम अक्षरों में अपना नाम दर्ज करा लिया है। 1959-60 के सीजन में पदार्पण करने के बाद, 67 वर्षों के लंबे इंतजार को खत्म करते हुए जम्मू-कश्मीर ने अपना पहला रणजी ट्रॉफी खिताब जीत लिया है। हूबली के केएससीए स्टेडियम में खेले गए फाइनल मुकाबले में जम्मू-कश्मीर ने आठ बार की चैंपियन कर्नाटक को पहली पारी की विशाल बढ़त के आधार पर मात दी।

फाइनल मुकाबले का रोमांच :

जम्मू-कश्मीर ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करते हुए शुभम पुंडीर के शानदार 121 रनों की बदौलत 584 रनों का विशाल स्कोर खड़ा किया। इसके जवाब में कर्नाटक की पहली पारी महज 293 रनों पर सिमट गई, जहां जम्मू-कश्मीर के तेज गेंदबाज आकिब नबी ने घातक गेंदबाजी करते हुए 54 रन देकर 5 विकेट झटके। पहली पारी में 291 रनों की भारी बढ़त मिलने के बाद जम्मू-कश्मीर ने अपनी दूसरी पारी 342/4 पर घोषित की, जिसमें कमरान इकबाल (160*) और साहिल लोत्रा (101*) ने नाबाद शतक जड़े। मैच ड्रॉ पर समाप्त हुआ और पहली पारी की बढ़त के आधार पर जम्मू-कश्मीर को चैंपियन घोषित किया गया।

सीजन के हीरो और नेतृत्व : 

जम्मू-कश्मीर की इस ऐतिहासिक सफलता के पीछे 41 वर्षीय कप्तान पारस डोगरा का कुशल नेतृत्व रहा, जिनका यह आखिरी घरेलू सीजन था। पारस डोगरा ने हाल ही में रणजी ट्रॉफी में अपने 10,000 रन भी पूरे किए हैं। वहीं, तेज गेंदबाज आकिब नबी को पूरे सीजन में रिकॉर्ड 60 विकेट लेने के लिए 'प्लेयर ऑफ द सीरीज' चुना गया। बल्लेबाजी में अब्दुल समद टीम के लिए सबसे बड़े स्कोरर रहे, जिन्होंने इस सीजन में कुल 748 रन बनाए।

इनाम और सम्मान की बौछार : 

इस ऐतिहासिक जीत के तुरंत बाद मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने टीम और सहयोगी स्टाफ के लिए ₹2 करोड़ के नकद पुरस्कार की घोषणा की है। इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने यह भी स्पष्ट किया कि टीम के खिलाड़ी उत्कृष्ट खिलाड़ी नियमों के तहत सरकारी नियुक्तियों के लिए भी पात्र होंगे।