बिहार की माटी का मान: गांधी मैदान में गूंजी 'गुरुओं' की ताल, बिहार दिवस पर शिक्षकों ने बिखेरा कला का रंग!

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बिहार न्यूज डेस्क 
पटना के ऐतिहासिक गांधी मैदान में आयोजित बिहार दिवस 2026 के अवसर पर मुजफ्फरपुर के शिक्षकों ने अपनी कलात्मक प्रतिभा से पूरे प्रदेश का ध्यान अपनी ओर खींचा। विशेष रूप से शिक्षा विभाग के पवेलियन में आयोजित इस गरिमामयी कार्यक्रम में केवल विभाग द्वारा नियुक्त शिक्षकों को ही अपनी कला प्रदर्शन का मौका मिला, जो अपने आप में एक बड़ी उपलब्धि है।

कथक की अद्भुत प्रस्तुति



पारू प्रखंड के रूपण गिरि उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, देवरिया की शिक्षिका श्रेया कुमारी ने मंच पर शास्त्रीय नृत्य कथक की ऐसी छटा बिखेरी कि दर्शक मंत्रमुग्ध हो गए। उन्होंने पद्म विभूषण पंडित बिरजू महाराज द्वारा रचित प्रसिद्ध बोल "ठुंगा-ठुंगा" पर नृत्य प्रस्तुत किया। इस विशेष प्रस्तुति में भगवान श्रीकृष्ण के बाल स्वरूप और उनकी लीलाओं का बेहद सजीव और सुंदर विवरण पेश किया गया।

सीमित और चयनित कलाकारों के बीच मुजफ्फरपुर का नाम :

इस वर्ष का आयोजन इसलिए भी खास रहा क्योंकि नृत्य की श्रेणी में पूरे बिहार से महज 7 चयनित शिक्षकों को ही मुख्य प्रस्तुति के लिए चुना गया था, जिनमें श्रेया कुमारी ने मुजफ्फरपुर का प्रतिनिधित्व किया। उनके साथ ही आरके तिरहुत एकेडमी के शिक्षक अनिश चंद्र रेणु ने भी अपनी उपस्थिति से जिले का मान बढ़ाया। कार्यक्रम में शास्त्रीय नृत्य के अलावा लोकनृत्य और लोक गीतों की भी शानदार प्रस्तुतियां हुईं। शिक्षा विभाग के इस विशेष पवेलियन में प्रदेश भर से आए कुल 120 शिक्षकों के दल ने विभिन्न विधाओं में अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। मुजफ्फरपुर के इन दोनों शिक्षकों की इस सफलता पर जिले के शिक्षा प्रेमियों और प्रबुद्ध जनों ने हर्ष व्यक्त किया है।
श्रेया की इस बड़ी उपलब्धि पर जिला शिक्षा पदाधिकारी अरविन्द कुमार सिन्हा, कार्यक्रम पदाधिकारी इंद्र कुमार कर्ण, सुजीत कुमार दास एवं अलका सहाय ने हर्ष जताया है। साथ ही माध्यमिक शिक्षक संघ के सचिव प्रियदर्शन, विद्यालय के प्रधानाध्यापक अखिलेश कुमार, शिक्षक डॉ. नवीन कुमार एवं पंकज कुमार सहित अन्य शिक्षकों ने उन्हें बधाई देते हुए इसे पूरे मुजफ्फरपुर के लिए गौरव का क्षण बताया है।