अभावों को चीरकर निकला हौसलों का सूरज: अप्पन पाठशाला की बेटियों ने मैट्रिक में गाड़ा सफलता का झंडा!

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न्यूज डेस्क। मुजफ्फरपुर
लगन और कड़ी मेहनत से इंसान हर बाधा को पार कर सकता है, यह साबित कर दिखाया है मुज़फ़्फ़रपुर के अप्पन पाठशाला की दो छात्राओं ने। माही कुमारी और निशा कुमारी ने बिहार विद्यालय परीक्षा समिति द्वारा आयोजित मैट्रिक परीक्षा 2026 में शानदार प्रदर्शन कर न केवल अपने माता-पिता और पाठशाला का नाम रोशन किया है, बल्कि उन सभी के लिए एक प्रेरणा बन गई हैं जो अभाव में भी अपने सपनों को पूरा करने का जज़्बा रखते हैं।


आइएएस बनना चाहती है माही : 

माही कुमारी ने 454 अंक प्राप्त कर 1ST DIVISION हासिल किया है, जबकि निशा 2ND DIVISION के साथ उत्तीर्ण हुई हैं। दोनों छात्राएं पिछले 7 वर्षों से अप्पन पाठशाला में पढ़ रही हैं और बेहद गरीब परिवारों से आती हैं। माही के पिता सब्जी की दुकान चलाते हैं, जबकि उनकी माता दैनिक मजदूरी करती हैं। माही का सपना पढ़-लिखकर आईएएस अधिकारी बनना है। माही कुमारी ने अपनी सफलता का श्रेय सुमित सर के मार्गदर्शन, माता-पिता के आशीर्वाद और अपनी कड़ी मेहनत को दिया है। वे कहती हैं, "अगर लगन हो तो कोई भी बाधा आपके सपनों को पूरा करने से नहीं रोक सकती।"

अभाव में निखरी हैं छात्राएं : सुमित 
अप्पन पाठशाला के संस्थापक सुमित कुमार ने बताया कि दोनों छात्राओं ने पढ़ाई में बहुत मेहनत की है और अभाव में भी निखरीं हैं। सुमित सर के मार्गदर्शन और पाठशाला के निशुल्क शिक्षा ने उनके हौसलों को और मज़बूती दी। सुमित का कहना है कि वे इन बच्चों को जहां तक पढ़ना चाहें, वहां तक पढ़ाएंगे और उनके सपनों को पूरा करने में हरसंभव मदद करेंगे। सुमित कुमार का योगदान भी काबिले तारीफ है। उन्होंने बिना किसी शुल्क के इन बच्चों को पढ़ाने का बीड़ा उठाया है और उन्हें आत्मनिर्भर बनाने का प्रयास कर रहे हैं। अप्पन पाठशाला जैसे संस्थान समाज के लिए एक उदाहरण हैं।