RBTS HOMEOPATHIC COLLEGE बिखरे मेधा के रंग: मॉडल और चार्ट के जरिए छात्रों ने दिखाई होम्योपैथी की भविष्यगामी राह

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न्यूज डेस्क। मुजफ्फरपुर
जिला स्थित प्रतिष्ठित आरबीटीएस होम्योपैथिक मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में 'होम्योपैथिक सप्ताह 2026' के उपलक्ष्य में शनिवार को बौद्धिक और रचनात्मक कौशल का अनूठा संगम देखने को मिला। कॉलेज परिसर में आयोजित मॉडल, चार्ट एवं प्रदर्शनी प्रतियोगिता में भावी चिकित्सकों ने होम्योपैथी के विभिन्न सिद्धांतों और आधुनिक चिकित्सा पद्धतियों के बीच इसके महत्व को कलात्मक रूप से प्रस्तुत किया। इस प्रतियोगिता में कुल 21 प्रतिभागियों ने अपने शोधपरक मॉडल और चार्ट के साथ हिस्सा लिया, जिनका मूल्यांकन उनकी वैज्ञानिक सोच और प्रस्तुतीकरण के आधार पर किया गया।
डॉ. काजल की अध्यक्षता में आयोजित इस गरिमामय कार्यक्रम में पीजीटी छात्र डॉ. मकदूम आजम ने अपने उत्कृष्ट प्रदर्शन के बूते प्रथम स्थान प्राप्त किया। वहीं, डॉ. सबा परवीन और डॉ. शरीन सुल्ताना (पीजीटी) की जोड़ी संयुक्त रूप से द्वितीय स्थान पर रही, जबकि बीएचएमएस छात्र राहुल कुमार ने तृतीय स्थान प्राप्त कर अपनी मेधा का लोहा मनवाया। कार्यक्रम के दौरान प्रतिभागियों ने न केवल चार्ट और मॉडल प्रदर्शित किए, बल्कि वर्तमान वैश्विक स्वास्थ्य परिदृश्य में होम्योपैथी की बढ़ती भूमिका और इसके वैज्ञानिक पहलुओं पर अपने महत्वपूर्ण विचार भी साझा किए।

प्राचार्य ने छात्रों की क्रियाशीलता को सराहा : 

महाविद्यालय के प्राचार्य प्रो. (डॉ.) कुमार रवींद्र सिंह ने विजेता छात्रों को पुरस्कृत करते हुए उनकी क्रियाशीलता की मुक्त कंठ से सराहना की। उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि होम्योपैथी न केवल एक किफायती उपचार पद्धति है, बल्कि यह रोगी को पूर्ण रूप से स्वस्थ करने के 'होलिस्टिक' (समग्र) दृष्टिकोण पर आधारित है। उन्होंने छात्रों को निरंतर शोध और नवाचार से जुड़ने के लिए प्रेरित किया। इस अवसर पर संकाय सदस्य डॉ. एसके श्रीवास्तव, प्रो. डॉ. आर.के. राय, प्रो.डॉ. एम.ए. खान, डॉ.कनक कुमार, डॉ.आलोक रंजन, डॉ.धीरज कुमार, डॉ.अमित, डॉ. प्रवीण कुमार सिंह और कार्यालय अधीक्षक सुमन कुमार वर्मा सहित कई गणमान्य उपस्थित रहे, जिन्होंने इस सफल और ज्ञानवर्धक आयोजन की सराहना की।