होम्योपैथी अपनाएं और असाध्य रोगों को जड़ से मिटाएं: मुजफ्फरपुर की सड़कों पर गूंजा जागरूकता का नारा

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न्यूज डेस्क। मुजफ्फरपुर

शहर के प्रतिष्ठित आरबीटीएस होम्योपैथिक मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में 'होम्योपैथी सप्ताह 2026' का आगाज बेहद उत्साहजनक रहा। शनिवार की सुबह कॉलेज परिसर से रामदयालु रेलवे गुमटी तक एक विशाल प्रभात फेरी निकाली गई, जिसका नेतृत्व स्वयं कॉलेज के दिग्गज चिकित्सकों और शिक्षकों ने किया। इस मार्च का मुख्य उद्देश्य आम जनमानस के बीच होम्योपैथी चिकित्सा पद्धति के प्रति विश्वास जगाना और इसके वैज्ञानिक लाभों से लोगों को रूबरू कराना था।


होलिस्टिक अप्रोच और किफायती इलाज पर जोर :
प्रभात फेरी के समापन पर आयोजित सभा को संबोधित करते हुए महाविद्यालय के प्राचार्य प्रो. डॉ. कुमार रवींद्र सिंह ने होम्योपैथी की महत्ता पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि आज के दौर में जब बीमारियां जटिल होती जा रही हैं, होम्योपैथी एक ऐसी पद्धति है जो न केवल रोग के लक्षणों को दबाती है, बल्कि 'होलिस्टिक' यानी समग्र दृष्टिकोण अपनाकर मरीज को जड़ से स्वस्थ करती है। डॉ. सिंह ने विशेष रूप से इसके किफायती होने और बिना किसी दुष्प्रभाव (Side Effects) के उपचार करने की क्षमता पर बल दिया।

वरिष्ठ चिकित्सकों की उपस्थिति में गूंजा संदेश : 
यह आयोजन डॉ. धीरज कुमार की अध्यक्षता में संपन्न हुआ। इस अवसर पर चिकित्सा जगत के कई जाने-माने चेहरे एक साथ नजर आए, जिनमें डॉ. एस. के. श्रीवास्तव, विभागाध्यक्ष प्रो. डॉ. आर. के. राय, प्रो. डॉ. एम ए ख़ान, डॉ. अरविंद प्रसाद, डॉ. कनक कुमार और डॉ. आलोक रंजन प्रमुख थे। इनके अलावा डॉ. अमित, डॉ. प्रवीण कुमार सिंह, डॉ. सुजीत कुमार और कार्यालय अधीक्षक सुमन कुमार वर्मा ने भी अपनी सक्रिय उपस्थिति दर्ज कराई।
छात्र-छात्राओं ने संभाली कमान :
जागरूकता रैली का सबसे आकर्षक हिस्सा महाविद्यालय के छात्र-छात्राएं रहे, जिन्होंने हाथों में स्लोगन लिखी पट्टियां लेकर लोगों को सुरक्षित चिकित्सा अपनाने के लिए प्रेरित किया। कॉलेज प्रशासन ने संकल्प लिया कि इस पूरे सप्ताह विभिन्न कार्यक्रमों के माध्यम से होम्योपैथी को घर-घर तक पहुंचाने का प्रयास किया जाएगा।