एमआईटी में सांस्कृतिक महाकुंभ ‘Fiesta 2026’ का आगाज: मुजफ्फरपुर की सड़कों पर गूंजा युवाओं का हुनर

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न्यूज डेस्क। मुजफ्फरपुर
मुजफ्फरपुर इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (MIT) में वार्षिक अंतर-संस्थान सांस्कृतिक महोत्सव ‘Fiesta 2026’ का भव्य शुभारंभ मंगलवार को बेहद उत्साहपूर्ण माहौल में हुआ। तिरहुत प्रमंडलीय आयुक्त गिरिवर दयाल सिंह (IAS), एनआरसीएल के निदेशक डॉ. बिकाश दास, एसडीएम तुषार कुमार और नेहरू युवा केंद्र की उपनिदेशक रश्मि सिंह ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर तीन दिवसीय उत्सव का आगाज किया। संस्थान के प्राचार्य प्रो. (डॉ.) एम. के. झा और 'जुनून क्लब' के चेयरमैन डॉ. आर. पी. गुप्ता ने अतिथियों का स्वागत करते हुए इसे विद्यार्थियों की रचनात्मकता को निखारने का सबसे बड़ा मंच बताया।


अनुशासन और तकनीक से बदलेंगे संस्थान की सूरत : 

मुख्य अतिथि गिरिवर दयाल सिंह ने छात्रों को 'कंफर्ट जोन' से बाहर निकलकर मेहनत करने का मंत्र दिया। उन्होंने न केवल छात्रों की समस्याओं के समाधान हेतु एक फीडबैक आधारित ऐप विकसित करने का सुझाव दिया, बल्कि संस्थान के ऑडियो-विजुअल हॉल (AVH) को सेंट्रलाइज्ड एसी से लैस करने की भी घोषणा की। उन्होंने जीरो टॉलरेंस नीति के तहत कैंपस को रैगिंग मुक्त रखने की सराहना की। वहीं, प्राचार्य प्रो. एम. के. झा ने संस्थान की शैक्षणिक उपलब्धि साझा करते हुए बताया कि इस वर्ष गेट (GATE) 2026 में संस्थान के 45 छात्रों ने बाजी मारी है, जो एमआईटी के बढ़ते वर्चस्व का प्रमाण है।

लीची और संस्कृति का अनोखा संगम : 

कार्यक्रम में मुजफ्फरपुर की पहचान 'शाही लीची' और पर्यावरण संरक्षण पर भी विशेष चर्चा हुई। डॉ. बिकाश दास ने छात्रों को लीची अनुसंधान केंद्र भ्रमण के लिए आमंत्रित किया, वहीं सुरेश गुप्ता और नीतू तुलस्यान ने 'लीचीपुरम' अभियान के जरिए पर्यावरण संतुलन का संदेश दिया। रश्मि सिंह ने युवा शक्ति और कला के माध्यम से व्यक्तित्व विकास पर बल दिया। फैकल्टी कोऑर्डिनेटर आशीष कुमार ने बताया कि इस महोत्सव का आयोजन प्रतिवर्ष जुनून क्लब द्वारा किया जाता है ताकि छात्रों के भीतर छुपी साहित्यिक और सांस्कृतिक प्रतिभा को वैश्विक पहचान मिल सके।

पहले ही दिन 14 प्रतियोगिताओं ने बिखेरे रंग : 

महोत्सव के पहले दिन परिसर पूरी तरह सांस्कृतिक रंगों में सराबोर रहा। कुल 14 विविध प्रतियोगिताओं का आयोजन हुआ, जिनमें 'रूबरू', 'टेकलेख', 'नृत्यांजलि' और 'अभिव्यक्ति' जैसे कार्यक्रमों ने दर्शकों का मन मोह लिया। शाम-ए-मुशायरा में अमित कुमार आज़ाद की रचनाओं और निखिल सर बैंड की प्रस्तुति ने समां बांध दिया। डॉ. आर. पी. गुप्ता ने सफल आयोजन हेतु एमिटा (MITAA) सहित सभी सहयोगियों का आभार व्यक्त किया। आने वाले दिनों में और भी रोचक मुकाबले देखने को मिलेंगे।