नौकरी छोड़िए, गधा पालन में है 'गोल्ड माइन'; ₹1 करोड़ के प्रोजेक्ट पर ₹50 लाख की सरकारी मदद, जानें पूरी शर्तें

TrendingJobs
न्यूज डेस्क। मुजफ्फरपुर
अकसर 'गधा' शब्द का इस्तेमाल मजाक के लिए किया जाता है, लेकिन अब यही जानवर आपको लखपति बनाने की ताकत रखता है। केंद्र सरकार ने पशुपालन के क्षेत्र में एक क्रांतिकारी कदम उठाते हुए 'गधा पालन' (Donkey Farming) को एक बड़े बिजनेस मॉडल के रूप में पेश किया है। खास बात यह है कि इस स्टार्टअप को शुरू करने के लिए सरकार आपको ₹50 लाख तक की भारी-भरकम सब्सिडी दे रही है।

क्यों शुरू हुई यह योजना?

भारत में गधों की संख्या चिंताजनक रूप से घट रही है। 2019 की पशुगणना के आंकड़ों के अनुसार, देश में अब केवल 1.23 लाख गधे ही बचे हैं। विलुप्त होती इन देसी नस्लों को बचाने और ग्रामीण अर्थव्यवस्था में रोजगार के नए अवसर पैदा करने के लिए सरकार ने इसे 'राष्ट्रीय पशुधन मिशन' (National Livestock Mission) में शामिल किया है।

सब्सिडी का गणित: ₹1 करोड़ का प्रोजेक्ट, ₹50 लाख की मदद :

सरकार इस बिजनेस को बढ़ावा देने के लिए कुल प्रोजेक्ट लागत का 50% (अधिकतम 50 लाख रुपये) वहन करेगी। यह पैसा लाभार्थी को दो चरणों में दिया जाएगा। पहली किस्त बैंक से लोन की मंजूरी मिलते ही और दूसरी किस्त प्रोजेक्ट का काम पूरा होने और व्यापार शुरू होने के बाद दी जाएगी। 

किसे मिलेगा लाभ? (अनिवार्य शर्तें) :

इस योजना का लाभ उठाने के लिए सरकार ने कुछ कड़े मानक तय किए हैं। आपके फार्म में कम से कम 50 मादा और 5 नर गधे होने चाहिए। सब्सिडी केवल भारतीय 'देसी नस्लों' के पालन पर ही देय होगी। 2024 से इस योजना में घोड़े और ऊंट पालन को भी जोड़ दिया गया है, जिस पर ₹3 लाख से ₹50 लाख तक की मदद उपलब्ध है।

कैसे करें आवेदन?

इच्छुक उद्यमी अब दफ्तरों के चक्कर काटने के बजाय सीधे डिजिटल माध्यम से आवेदन कर सकते हैं। इसके लिए आधिकारिक वेबसाइट nlm.udyamimitra.in पर जाकर ऑनलाइन फॉर्म भरना होगा। आवेदन के बाद बैंक से लोन की प्रक्रिया पूरी कर आप अपना 'डोंकी फार्म' शुरू कर सकते हैं।