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न्यूज डेस्क। मुजफ्फरपुर
पुलिस उप-महानिरीक्षक, तिरहुत क्षेत्र की अध्यक्षता में शनिवार को एक महत्वपूर्ण मासिक समीक्षा बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में मुजफ्फरपुर के वरीय पुलिस अधीक्षक सहित सीतामढ़ी, वैशाली के पुलिस अधीक्षक और शिवहर के पुलिस पदाधिकारियों ने हिस्सा लिया। बैठक का मुख्य केंद्र बिंदु लंबित कांडों का त्वरित निष्पादन, अपराध नियंत्रण और आगामी त्योहारों के मद्देनजर विधि-व्यवस्था को सुदृढ़ बनाना रहा।
लापरवाह अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई :
समीक्षा के दौरान डीआईजी ने पुलिस पदाधिकारियों के कार्य प्रदर्शन पर कड़ा रुख अपनाया। क्षेत्र में लंबित कांडों के निष्पादन में कोताही बरतने वाले कुल 98 पुलिस पदाधिकारियों को चिह्नित किया गया है, जिन्होंने माह के दौरान 4 से भी कम कांडों का निष्पादन किया । इनमें से 05 पुलिस पदाधिकारियों के विरुद्ध अनुशासनिक कार्रवाई तत्काल प्रभाव से प्रारंभ कर दी गई है, जबकि शेष अनुसंधानकर्ताओं के विरुद्ध भी जल्द ही विभागीय कार्यवाही शुरू करने का कड़ा निर्देश दिया गया है।
कांडों के निष्पादन में आई तेजी :
बैठक में प्रस्तुत आंकड़ों के अनुसार, जनवरी 2026 में तिरहुत क्षेत्र के जिलों में कुल 3262 कांड दर्ज किए गए थे। इसके जवाब में पुलिस ने बेहतर कार्यकुशलता दिखाते हुए कुल 4039 कांडों का निष्पादन किया, जो दर्ज मामलों की तुलना में 777 अधिक है। हालांकि, डीआईजी ने स्पष्ट किया कि लंबित कांडों की संख्या में और कमी लाना अनिवार्य है और सभी पुलिस अधीक्षकों को अनुसंधान की गति तेज करने का आदेश दिया गया है।
त्योहारों पर सुरक्षा और सामाजिक शांति का खाका :
आगामी होली और ईद पर्व को लेकर प्रशासन ने अपनी कमर कस ली है। डीआईजी ने सभी जिलों के पुलिस कप्तानों को निर्देश दिया है कि वे असामाजिक तत्वों और गुंडा पंजी में दर्ज व्यक्तियों के विरुद्ध निरोधात्मक कार्रवाई सुनिश्चित करें । संवेदनशील स्थलों को चिह्नित कर वहां पर्याप्त संख्या में दंडाधिकारियों और पुलिस बल की प्रतिनियुक्ति की जाएगी। इसके साथ ही समाज में आपसी सौहार्द बनाए रखने के लिए शांति समिति की बैठकें आयोजित करने पर जोर दिया गया है।
अपराधियों पर चौतरफा वार :
अपराध नियंत्रण के लिए पुलिस अब तकनीक और सख्त कानूनी प्रावधानों का सहारा ले रही है। धारा-107 BNSS के तहत अपराध के जरिए संपत्ति अर्जित करने वाले अपराधियों को चिह्नित कर उनकी संपत्ति जब्त करने का प्रस्ताव तैयार किया जा रहा है। साथ ही, जेल से छूटने वाले अपराधियों का 'ई-डोजियर' तैयार किया जाएगा ताकि उनकी गतिविधियों पर नजर रखी जा सके। जमानत की शर्तों का उल्लंघन करने वाले कुख्यात अपराधियों की जमानत रद्द कराने के लिए भी त्वरित कार्रवाई का निर्देश दिया गया है। इसके अलावा, क्षेत्र के सभी गर्ल्स हॉस्टल की सुरक्षा मानकों की जांच और भौतिक सत्यापन का भी आदेश दिया गया है।
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