शादी के सीजन से पहले बिहार सरकार का बड़ा फैसला: अब शादी वाले घरों को प्राथमिकता पर मिलेगा कमर्शियल गैस सिलेंडर


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न्यूज डेस्क। पटना
बिहार में खरमास की समाप्ति के साथ ही शुरू होने वाले शादियों के सीजन को देखते हुए राज्य सरकार ने आम जनता को बड़ी राहत दी है। खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग ने एक महत्वपूर्ण निर्णय लेते हुए सभी जिलों को निर्देश जारी किया है कि जिन परिवारों में शादी समारोह निर्धारित हैं, उन्हें प्राथमिकता के आधार पर कमर्शियल गैस सिलेंडर उपलब्ध कराए जाएंगे। विभाग की मंत्री लेशी सिंह और सचिव अभय कुमार सिंह ने पटना में आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान इस नई व्यवस्था की घोषणा की। सरकार का लक्ष्य यह सुनिश्चित करना है कि गैस की कमी के कारण वैवाहिक आयोजनों में किसी प्रकार का व्यवधान न आए।

कैटरिंग लागत में उछाल और अंतरराष्ट्रीय संकट का असर : 

पिछले कुछ समय से अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों, विशेषकर मध्य-पूर्व में जारी तनाव और अमेरिका-ईरान के बीच बढ़ते विवाद के कारण वैश्विक स्तर पर गैस आपूर्ति श्रृंखला प्रभावित हुई है। इसका सीधा असर बिहार में भी देखने को मिला, जहां कमर्शियल गैस सिलेंडरों की किल्लत पैदा हो गई और कीमतों में भारी बढ़ोतरी दर्ज की गई। इस संकट के कारण शादी-ब्याह में कैटरिंग का खर्च लगभग 15 से 20 प्रतिशत तक बढ़ गया है। इसी को ध्यान में रखते हुए सरकार ने उपलब्धता के आधार पर जिलों में विशेष कोटा और वितरण प्रणाली लागू करने का निर्देश दिया है, ताकि बिचौलियों और कालाबाजारी करने वालों पर लगाम लगाई जा सके।

घरेलू सिलेंडर के व्यावसायिक उपयोग पर पूर्ण प्रतिबंध और नए नियम : 

सरकार ने स्पष्ट किया है कि घरेलू एलपीजी सिलेंडरों का व्यावसायिक उपयोग अब पूरी तरह दंडनीय होगा। विभागीय सचिव ने बताया कि होटल, रेस्टोरेंट और ढाबा संचालकों के लिए अब कमर्शियल गैस कनेक्शन का रजिस्ट्रेशन अनिवार्य कर दिया गया है। बिना वैध रजिस्ट्रेशन के किसी भी व्यावसायिक प्रतिष्ठान को सिलेंडर की आपूर्ति नहीं की जाएगी। इसके साथ ही, आम उपभोक्ताओं के लिए राहत की बात यह है कि घरेलू गैस की सप्लाई चेन में सुधार किया गया है। अब बुकिंग के महज 4 से 5 दिनों के भीतर सिलेंडर उपभोक्ताओं के घर तक पहुंच रहा है।

बदल रहा है शादियों का स्वरूप: कम गैस वाले मेन्यू को प्राथमिकता : 

गैस की कीमतों में बढ़ोतरी और आपूर्ति के संकट ने बिहार में शादियों के पारंपरिक स्वरूप को भी प्रभावित किया है। खर्च को नियंत्रित करने के लिए कई परिवार अब अपने 'शादी के भोज' में बदलाव कर रहे हैं। भारी गैस खपत वाले लाइव काउंटर और अतिरिक्त व्यंजनों (Extra Dishes) को मेन्यू से हटाया जा रहा है। लोग अब उन व्यंजनों को प्राथमिकता दे रहे हैं जिन्हें तैयार करने में कम समय और कम ईंधन की आवश्यकता होती है। कैटरिंग व्यवसायियों का कहना है कि लागत बढ़ने के कारण उन्हें भी अपने पैकेज रेट में बदलाव करना पड़ा है, जिससे आम जनता पर आर्थिक बोझ बढ़ा है।

खरमास के बाद शहनाइयों की गूंज और व्यापार की उम्मीदें : 

वर्तमान में खरमास का महीना चल रहा है, जिसके कारण सभी मांगलिक कार्यों पर विराम लगा हुआ है। यह अवधि 14 अप्रैल को समाप्त होगी, जिसके बाद 20 अप्रैल से विवाह के शुभ मुहूर्त शुरू हो जाएंगे। अप्रैल और मई के महीने में बड़ी संख्या में शादियां तय हैं। सरकार के इस ताजा फैसले से न केवल आम जनता को राहत मिलेगी, बल्कि बैंड-बाजा, टेंट और कैटरिंग उद्योग से जुड़े हजारों लोगों को भी एक सुचारू और बेहतर कारोबार की उम्मीद जगी है। प्रशासन को सख्त निर्देश दिए गए हैं कि वे गैस वितरण केंद्रों पर निगरानी रखें ताकि शादी वाले परिवारों को बिना किसी परेशानी के सिलेंडर मिल सके।